मंत्र शक्ति के चमत्कार

शनिवार, 27 अप्रैल 2013

हृदयेन सत्यम (यजुर्वेद १८-८५) परमात्मा ने ह्रदय से सत्य को जन्म दिया है. यह वही अंतर्मन और वही हृदय है जो सतहों को पलटता हुआ सत्य की तह तक ले जाता है.